उत्तर प्रदेश की ट्रेनों में अवैध वेंडिंग का मुद्दा बढ़ा

उत्तर प्रदेश की ट्रेनों में अवैध वेंडिंग का मुद्दा बढ़ा

The issue of illegal vending in Uttar Pradesh

The issue of illegal vending in Uttar Pradesh

लखनऊ। पिछले कुछ समय से इंटरनेट मीडिया पर स्लीपर बोगियों में अनाधिकृत यात्रियों की भीड़ की फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं। इसमें यात्री रेलवे से मदद की अपील करते नजर आ रहे हैं। यात्रियों तक ट्रेनों के रसोई यान के वेंडर खाना तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

वहीं, अवैध वेंडरों का बड़ा सिंडीकेट प्रदेश के 10 रूटों पर अधिक सक्रिय हो गया है। ऐसे में भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) ने जीआरपी से मदद मांगी है। आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने एडीजी जीआरपी डी प्रकाश से गुरुवार को मुलाकात करके सहयोग को लेकर चर्चा की ।

मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने एडीजी को बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से प्रतिदिन लगभग 150 ट्रेनें दूसरे स्टेशनों के लिए आरंभ होती हैं। वहीं, लगभग 300 एक्सप्रेस ट्रेनें उत्तर प्रदेश से होकर गुजरती हैं। मुख्य ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी की एस्कार्ट सुविधा उपलब्ध रहती है। कई बार खानपान की सेवाओं को प्रदान करने वाली टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बोगियों में अत्यधिक भीड़ होने होने और सामान रखने की जगह कम मिलने से खानपान वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं, यात्रियों की खानपान की वस्तुओं की अत्यधिक मांग का दबाव व कुछ क्षेत्रों में अनाधिकृत वेंडरों के निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ की बिक्री से रेलवे के वेंडरों को व्यवधान होता है ।

ट्रेन में खाने से पहले चेक कर लें QR कोड

कैटरिंग सर्विस के लाईसेंसधारकों की टीमों के सदस्यों के लिए ख़ास वर्दी है। जिसमे सेवा प्रदाता का मोबाइल नंबर और उनका नाम भी स्पष्ट रूप से अंकित होता है। इसके अलावा सभी अधिकृत वेंडर्स को स्पेशल क्यूआरकोड वाले पहचान पत्र भी उपलब्ध कराये गए है, जिससे कि यात्रियों और जीआरपी स्टाफ को सही वेंडर्स की पहचान हो सके।

इन सेक्शनों पर हो रही अवैध वेंडिंग

  • प्रयाग-फूलपुर
  • प्रयागराज-वाराणसी
  • बनारस- भदोही
  • वाराणसी-रायबरेली
  • झांसी-उरई-कानपुर,
  • झांसी-ललितपुर
  • इटावा-टुंडला
  • देवरिया-भटनी-छपरा
  • खलीलाबाद-गोंडा -बाराबंकी
  • हरदोई-शाहजहांपुर-बरेली